बाड़मेर/जैसलमेर:
थार के रेगिस्तान और भारत-पाक सीमा से सटे इलाकों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर नए रेलमार्ग की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है। इस प्रस्तावित रेल परियोजना के तहत कुल 31 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जो राजस्थान और गुजरात के बीच व्यापार और आवागमन के नए द्वार खोलेंगे।
स्टेशनों का गणित: कहां बनेंगे कितने स्टेशन?
इस नई रेल परियोजना को मुख्य रूप से दो हिस्सों में देखा जा सकता है:
जैसलमेर से बाड़मेर: इस खंड के बीच कुल 8 रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं।
बाड़मेर से भाभर (गुजरात): इस खंड के बीच कनेक्टिविटी को विस्तार देते हुए 23 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।
प्रमुख स्टेशनों की सूची
इस रूट पर आने वाले मुख्य स्टेशनों में शामिल हैं:
मुख्य जंक्शन और शहर: जैसलमेर, बाड़मेर, और भाभर।
महत्वपूर्ण पड़ाव: बखरानी एच, सांगड़, गूंगा, शिव, निंबला, महाबार, उण्डखा, अराबा का तला, सनावड़ा, बाछड़ाऊ, दूदवा, दूदू, धोरीमन्ना।
गुजरात सीमा की ओर: भाउड़ा, माणकी, सिंछावा, पादरड़ी, भादरून, सरवाना, कसवी, रतनपुरा, भोरोल, भाचर, थराद रोड जंक्शन, मोरीखा, सनसेड़ा और कुवाला।
विकास को मिलेगी रफ्तार
”यह रेलमार्ग सामरिक दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही थराद रोड जंक्शन और धोरीमन्ना जैसे क्षेत्रों के जुड़ने से स्थानीय व्यापारियों और किसानों को गुजरात की मंडियों और बंदरगाहों तक सीधी पहुंच मिलेगी।”
इस परियोजना के पूरा होने से बाड़मेर के तेल-गैस उद्योग और जैसलमेर के पर्यटन क्षेत्र को भारी लाभ होने की उम्मीद है। साथ ही, थराद रोड जंक्शन इस रूट पर एक प्रमुख रणनीतिक केंद्र के रूप में उभरेगा।













