1790 ट्रक ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द
नया कानून 1 अप्रैल से लागू हुआ
ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी अनिवार्य
नई दिल्ली/जालंधर। अमेरिका के इंडियाना राज्य में पंजाबी ड्राइवरों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। राज्य सरकार ने ट्रक ड्राइवरों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसका असर खास तौर पर पंजाबी मूल के प्रवासियों पर पड़ा है। राज्य के गवर्नर माइक ब्रॉन ने मार्च 2026 में हाउस एनरोल्ड एक्ट 1200 पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद करीब 1790 ट्रक ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। इनमें अधिकतर पंजाबी ड्राइवर शामिल बताए जा रहे हैं।
अमेरिका (US) में इंडियाना ब्यूरो ऑफ मोटर व्हीकल्स (BMV) ने 16 मार्च 2026 को इन ड्राइवरों को नोटिस भेजकर उनके कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) रद्द करने की जानकारी दी थी। यह नया कानून 1 अप्रैल से लागू हुआ, जिसके तहत सभी “नॉन-डोमिसाइल्ड CDL” अपने आप अमान्य हो गए। खास तौर पर उन ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द किए गए, जिनके पास वैध वीजा श्रेणियां जैसे H-2A, H-2B या E-2 नहीं थीं।
*कई लोगों की जान गई,*
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। गवर्नर माइक ब्रॉन के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में अवैध रूप से ट्रक चला रहे ड्राइवरों द्वारा कई गंभीर सड़क हादसे हुए, जिनमें कई लोगों की जान गई। इसी के बाद इस सख्त कानून को लागू करने का निर्णय लिया गया।
इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा ने बताया कि पिछले चार महीनों में ऐसे ड्राइवरों से जुड़े हादसों में कम से कम 6 लोगों की मौत हुई है। इन घटनाओं ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया।
पंजाबी ड्राइवर द्वारा गलत यू-टर्न
फरवरी 2026 में हुए एक बड़े हादसे में पंजाबी मूल के ड्राइवर सुखदीप सिंह ने हैंड्रिक्स काउंटी में रेड लाइट पार कर दी, जिससे एक सेमी-ट्रक और पिकअप ट्रक की टक्कर में 64 वर्षीय टेरी शुल्त्ज की मौत हो गई। बताया गया कि सुखदीप सिंह केवल तीन महीने से ट्रक चला रहा था।
इसी तरह फ्लोरिडा में एक अन्य पंजाबी ड्राइवर द्वारा गलत यू-टर्न लेने के कारण बड़ा हादसा हुआ, जिसमें एक वैन में सवार तीन लोगों की जान चली गई। वहीं कैलिफोर्निया में भी एक पंजाबी ड्राइवर द्वारा 10 वाहनों को टक्कर मारने का मामला सामने आया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी अनिवार्य
नए कानून के तहत अब ट्रक ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही जिन ट्रक मालिकों ने लाइसेंस रद्द हो चुके ड्राइवरों को नौकरी पर रखा, उन पर 50,000 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून जहां सड़क सुरक्षा को बेहतर बना सकता है, वहीं इससे हजारों प्रवासी ड्राइवरों के सामने रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है।













