बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्र के कालासर गांव में मंगलवार रात करीब 387 खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए। यह भूमि भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) द्वारा सोलर प्लांट लगाने के लिए किसानों से लीज पर ली गई है। उल्लेखनीय है कि बीते पांच महीनों में यह दूसरी बार है जब यहां बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ काटे गए हैं।
मंगलवार रात सुनसान क्षेत्र में खेजड़ी के पेड़ों पर आरी चलती रही। इलाका आबादी से दूर होने के कारण ग्रामीणों को इसकी जानकारी बुधवार सुबह लगी, जिसके बाद विरोध शुरू हो गया। करीब 300 बीघा क्षेत्र में खेजड़ी के पेड़ कटे हुए पड़े मिले।
प्लांट के लिए पाइलिंग कार्य कर रहे फलोदी निवासी ठेकेदार पुखराज भील ने बताया कि पेड़ काटने को लेकर जब लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के कर्मचारियों से सवाल किया गया तो वे बिना जवाब दिए लौट गए। आरोप है कि ग्रामीणों से उल्टे बदसलूकी और धमकी दी गई, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सूचना मिलने पर दोपहर में जामसर पुलिस, वन विभाग की टीम और हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी राजबाला बिश्नोई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 387 खेजड़ी के पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है। इस क्षेत्र में सोलर प्लांट स्थापित करने का कार्य एलएनटी द्वारा किया जा रहा है, जबकि अलग-अलग कार्यों के लिए अन्य कंपनियों को ठेके दिए गए हैं।














