थाने में ही भिड़ गई ACB और पुलिस!
रिकॉर्डर छीना, धक्का-मुक्की, SHO सहित तीन लाइन हाज़िर
जवाजा थाने में भ्रष्टाचार जांच के दौरान बड़ा बवाल
राजस्थान में कानून के रखवाले ही कानून तोड़ते नज़र आए। जवाजा थाने में भ्रष्टाचार की जांच करने पहुंची एसीबी अजमेर टीम के साथ पुलिसकर्मियों की धक्का-मुक्की और रिकॉर्डर लूटकर फरार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
घटना के बाद एसएचओ राजेन्द्र टाडा, कांस्टेबल अनिल कुमार और चालक रामनाथ को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
रिश्वत मांगने की शिकायत, थाने में पहुंची ACB
जानकारी के अनुसार जवाजा थाना पुलिस में दर्ज एक मामले के आरोपी केसर सिंह ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एसीबी अजमेर में शिकायत दी थी।
शिकायत के सत्यापन के लिए एसीबी निरीक्षक कंचन भाटी टीम के साथ जवाजा थाने पहुंचीं। इसी दौरान केसर सिंह भी थाने में मौजूद था।
बातचीत रिकॉर्ड होते ही भड़का कांस्टेबल
बताया जा रहा है कि केसर सिंह ने कांस्टेबल अनिल कुमार से हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। जैसे ही कांस्टेबल को इसकी भनक लगी, वह बेकाबू हो गया।
आरोप है कि कांस्टेबल ने केसर सिंह के साथ मारपीट की, रिकॉर्डर छीना और थाने में ही हंगामा खड़ा कर दिया।
ACB निरीक्षक से भी धक्का-मुक्की, रिकॉर्डर लेकर फरार
शोर-शराबा सुनकर बाहर मौजूद एसीबी निरीक्षक कंचन भाटी मौके पर पहुंचीं और केसर सिंह को बचाया।
इसी दौरान कांस्टेबल अनिल ने एसीबी अधिकारी से भी धक्का-मुक्की की और रिकॉर्डर लेकर थाने से फरार हो गया।
घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।
SHO समेत तीन पर गिरी गाज
मामले में एसीबी की रिपोर्ट पर जवाजा थाने में ही प्रकरण दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर
थानाधिकारी राजेन्द्र टाडा,
कांस्टेबल अनिल कुमार,
चालक रामनाथ
को लाइन हाजिर कर दिया गया।
अब भी फरार है रिकॉर्डर लेकर भागा कांस्टेबल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रिकॉर्डर लेकर फरार कांस्टेबल अनिल कुमार अब तक पकड़ में नहीं आया है, जबकि मामला सीधे एसीबी से जुड़ा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
राजेन्द्र टाडा, थानाधिकारी (लाइन हाजिर):
> “मैं दो दिन से बाहर था, आज ही लौटा हूं। केसर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज है और जुर्म प्रमाणित है। अन्य किसी घटना की जानकारी नहीं है।”
भूपेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ब्यावर:














