February 20, 2026 7:35 am

मुकदमा दर्ज होते ही बनेगी डिजिटल पहचान, राजस्थान पुलिस ने हर थाने के अपराधियों का डाटा किया एकत्र, अपराध होते ही तुरंत मिलेगा पूरा रिकॉर्ड

*मुकदमा दर्ज होते ही बनेगी डिजिटल पहचान, राजस्थान पुलिस ने हर थाने के अपराधियों का डाटा किया एकत्र, अपराध होते ही तुरंत मिलेगा पूरा रिकॉर्ड।*

 

जयपुर। अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। प्रदेश भर में ऐसे हर व्यक्ति का सुनियोजित डाटा संकलन किया गया है, जिसके विरुद्ध राज्य के किसी भी थाने में, किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा कभी दर्ज हुआ है।

 

इस विशेष अभियान के तहत राजस्थान पुलिस ने पुराने और वर्तमान सभी आपराधिक मामलों को एक केंद्रीकृत डिजिटल सिस्टम से जोड़ दिया है। अब अलग- अलग थानों में बिखरा हुआ रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।

बीट स्तर से जुटाया गया पूरा रिकॉर्ड। पुलिस विभाग ने बीट अधिकारियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर यह डाटा एकत्र किया है। इसमें संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, फोटो, मोबाइल नंबर और आपराधिक पृष्ठभूमि को सत्यापित कर विभागीय सिस्टम में दर्ज किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अपराधी रिकॉर्ड से बाहर न रह सके।

अपराध होते ही तुरंत मिलेगी पहचान। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आने वाले समय में जैसे ही कोई व्यक्ति किसी अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसका पूरा आपराधिक इतिहास तुरंत पुलिस के सामने उपलब्ध हो सकेगा।

 

अब यह जानने में समय नहीं लगेगा कि आरोपी पहली बार अपराध कर रहा है या पहले से ही किसी मामले में संलिप्त रहा है। जांच और कार्रवाई होगी तेज, डिजिटल डाटाबेस के जरिए पुलिस की जांच प्रक्रिया कहीं अधिक तेज और सटीक होगी। अपराध के बाद आरोपी की पहचान, उसकी पृष्ठभूमि और पुराने मामलों की जानकारी पलभर में मिल सकेगी, जिससे कार्रवाई में देरी नहीं होगी।

अपराधियों के लिए साफ चेतावनी।

 

राजस्थान पुलिस की इस पहल से स्पष्ट संदेश है कि अब अपराध कर बच निकलना आसान नहीं होगा। हर मुकदमा, हर थाने और हर आरोपी का रिकॉर्ड एक-दूसरे से जुड़ चुका है। अब कानून की पकड़ पहले से ज्यादा मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें