जयपुर: राजधानी के अस्पतालों में व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। जयपुर में अब IPRS सिस्टम लागू होने जा रहा है, जिससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली पूरी तरह से हाई-टेक हो जाएगी और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में भारी इजाफा होगा।
इस नए सिस्टम के लागू होने से न केवल मरीजों की परेशानियां कम होंगी, बल्कि प्रशासनिक निगरानी भी मजबूत होगी। इस नई व्यवस्था की कुछ प्रमुख खासियतें इस प्रकार हैं:
📱 ऐप के जरिए सीधा फीडबैक: अब मरीज और उनके परिजन अस्पताल की सुविधाओं और वहां के स्टाफ के व्यवहार को लेकर सीधे ऐप के माध्यम से अपना फीडबैक दे सकेंगे।
🤖 AI करेगा शिकायतों की निगरानी: सिस्टम में लगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिकायतों की तुरंत पहचान करेगा और बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेजेगा, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।
📍 जियो-टैगिंग से पारदर्शी निरीक्षण: अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले अस्पतालों के निरीक्षण में जियो-टैगिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे चेकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनेगी।
🚨 इमरजेंसी में क्विक रिस्पॉन्स: किसी भी आपात स्थिति (इमरजेंसी) के दौरान यह सिस्टम पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारियों को एक साथ सूचना भेजेगा, जिससे समय रहते राहत कार्य शुरू किया जा सकेगा।
💊 दवाओं और जांचों की डिजिटल ट्रैकिंग: अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक और मरीजों की होने वाली मेडिकल जांचों की भी अब डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न हो।
स्वास्थ्य विभाग की इस नई पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि मरीजों को अब अस्पतालों में इलाज के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा और पूरी व्यवस्था ज्यादा जवाबदेह बनेगी।














