बीकानेर। अधिक मास के पावन अवसर पर समाज में राष्ट्रीय भावना और सांस्कृतिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से बीकानेर संभाग के अनेक स्थानों पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत भारत तिब्बत सहयोग मंच के बीकानेर जिला मंत्री किशन लाल व्यास “पंडित भाई श्री” द्वारा कई क्षेत्रों में शिव पुराण, विष्णु पुराण और श्रीमद् भागवत पुराण कथा का वाचन किया गया। मंच के राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र कामदार के निर्देशानुसार, कथा वाचन के दौरान पंडित भाई श्री ने समय-समय पर कैलाश मानसरोवर मुक्ति हेतु चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
अधिक मास के अंतिम सोपान में बीकानेर में कथा वाचन करते हुए पंडित भाई श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कैलाश मानसरोवर की मुक्ति, तिब्बत की आजादी और भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से चीनी सामान का पूर्ण बहिष्कार करने का पुरजोर आह्वान करते हुए कहा कि चीन सदा ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का समर्थन करता आया है। ऐसे में हमें चीनी सामान का पूर्ण त्याग कर चीन को आर्थिक रूप से मुंहतोड़ जवाब देना होगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करना होगा।
पंडित भाई श्री ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति नीति मूलक है और हम “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना में विश्वास रखते हैं। हम किसी के संवैधानिक अधिकारों का हनन नहीं करते, परंतु यदि कोई हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं पर आघात करेगा, इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने विश्व शांति के प्रतीक और नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित परम पावन दलाई लामा जी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित किए जाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
इस धार्मिक एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम के अवसर पर मंच की राष्ट्रीय पदाधिकारी सुधा आचार्य ने शंखनाद के साथ माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। उन्होंने ‘तवांग तीर्थ यात्रा’ के महत्व पर जानकारी देते हुए बताया कि यह एक राष्ट्रीय तीर्थ यात्रा है, जो हमें भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने और उनके प्रति जागरूक रहने का बोध कराती है।
सुधा आचार्य ने देवों के देव महादेव के निवास स्थान पवित्र कैलाश मानसरोवर पर चीन के अवैध अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मंच द्वारा कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराने हेतु चलाए जा रहे आंदोलन में आमजन को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए संकल्प दिलवाया। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि भारत माता के मुकुट हिमालय पर विदेशी आसुरी शक्तियों की गलत दृष्टि है, जिसके लिए भारत सरकार को अत्यंत सतर्क रहते हुए आवश्यक और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस गरिमामयी और चेतना जागृत करने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने में भारत तिब्बत सहयोग मंच के अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर सपना तंवर, मीनाक्षी तंवर, रामप्यारी, चंद्रकला पुरी, संतोष, यशपाल आचार्य, प्रेम रतन, नरपत सिंह, तरुण व्यास, रमन सांखला, नवीन आचार्य, मनोज, भानु, सुरेश सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।













