बीकानेर। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सभा अध्यक्ष किशनलाल सारण के नेतृत्व में शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से मिला। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सभा अध्यक्ष किशनलाल सारण, यतीश वर्मा (बीकानेर) एवं जिलाध्यक्ष आनंद पारीक (बीकानेर) शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशभर के शिक्षकों की विभिन्न लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए शीघ्र समाधान की मांग रखी।
प्रदेश सभा अध्यक्ष किशनलाल सारण ने बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थाईकरण, वेतन नियमितीकरण, लंबित पदोन्नति प्रकरणों, टेट की अनिवार्यता, स्थानांतरण परिवेदनाओं, शाला दर्पण की तकनीकी समस्याओं तथा विद्यालयों से जुड़े अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
उन्होंने बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थाईकरण एवं वेतन नियमितीकरण के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा पिछले कई वर्षों से लंबित पदोन्नतियां तत्काल करने की मांग रखी गई। इस पर शिक्षा निदेशक ने आश्वस्त किया कि पदोन्नति की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा सितंबर माह तक हर हाल में पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा।
टेट की अनिवार्यता के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई। निदेशक ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक पत्राचार एवं विभागीय कार्यवाही की जा चुकी है तथा कार्यरत शिक्षकों को राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने शाला दर्पण पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में पोर्टल के सुचारु रूप से कार्य नहीं करने के कारण विद्यालयों का ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि शाला दर्पण का मेंटेनेंस कार्य विद्यालय समय के बाद किया जाए, जिससे शिक्षण एवं प्रशासनिक कार्य बाधित न हों।
यतीश वर्मा ने स्थानांतरण के बाद लंबित परिवेदनाओं के समयबद्ध निस्तारण की मांग रखी। इस पर शिक्षा निदेशक ने भरोसा दिलाया कि सभी परिवेदनाओं का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा तथा संयुक्त निदेशक कार्यालयों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय भवनों के भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र का विषय भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में मांग की गई कि यह प्रमाण-पत्र संस्था प्रधानों के स्थान पर समसा के तकनीकी अधिकारियों द्वारा जारी किया जाए। निदेशक ने इस मांग को उचित बताते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां, शिक्षकों के स्थानांतरण एवं परिवेदना पदस्थापन में पारदर्शिता, समयबद्ध एसीपी/वेतन विसंगति निस्तारण, गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को राहत, शाला दर्पण एवं अन्य विभागीय पोर्टलों की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान, समय पर वेतन एवं अन्य देयकों का भुगतान तथा शिक्षकों से जुड़े सभी लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण सहित अन्य ज्वलंत समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया।
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि शिक्षकों की सभी व्यावहारिक एवं न्यायोचित मांगों पर विभाग सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य करेगा तथा चरणबद्ध रूप से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) ने आशा व्यक्त की कि विभाग द्वारा दिए गए आश्वासनों को शीघ्र अमल में लाकर प्रदेश के शिक्षकों को राहत प्रदान की जाएगी। इस मौके पर यतीश वर्मा मनोहर लाल नैन भंवर लाल कुराड़ा पोपटलाल सहित पदाधिकारियों ने भागीदारी की













