कोटा 19 जून शुक्रवार आईआईटी जम्मू के छात्र तरंग श्रीवास ने आईआईटी छात्रों और फैकल्टी के साथ मिलकर एक क्रांतिकारी ड्रोन तैयार किया है इसका नाम वज्र नेत्र रखा गया है ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेवा को इस तरह के स्पेशल ड्रोन की आवश्यकता महसूस हुई सेना ने आईआईटी जम्मू से विशेष प्रकार का ड्रोन बनाने के लिए संपर्क किया तरंग श्रीवास और उनकी टीम ने 6 महीने में इसे बनाकर रेडी कर दिया इस ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुश्मन के राडार और जैमर को पूरी तरह से चकमा दे सकता है यह 100 फीट की ऊंचाई से 3 किलोमीटर के दायरे में सटीक निगरानी कर सकता है जहां विदेशी तकनीक वाले ड्रोन बहुत ही महंगे और करोड़ों में आते हैं वहीं वज्र नेत्र उनकी तुलना में सिर्फ 10% लागल में तैयार किया जा सकता है इसका प्रशिक्षण कर लिया गया है और इसे सेना के बेड़े में शामिल किया जा रहा है यह हमारे लिए बहुत बहुत ही गर्व की बात है की संस्था के नेचर फोटोग्राफर मुरारीलाल श्रीनिवास के बेटे तरंग श्रीवास ने देश और दुनिया में अपना नाम रोशन किया परिवार समाज और अपने क्षेत्र का नाम उन्होंने रोशन किया है। रावतभाटा में अपने परिवार के साथ रहने वाले मुरारी लाल जी फोटोग्राफर वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े हुए हैं तरंग के कोटा आगमन पर संस्था की ओर से उनका माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया इस मौके पर प्रदेश और संगठन अध्यक्ष प्रदीप तिवारी प्रदेश कार्यकारिणी मेंबर आनंद वर्मा वरिष्ठ फोटोग्राफर साथी किशन मेहरा और दीपक बना मौजूद रहे।














