प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले बीकानेर में कुल 18 लाख 54 हजार 8 वोट थे, जो अब घटकर 17 लाख 25 हजार 59 रह गए हैं।
सबसे ज्यादा असर बीकानेर पूर्व और पश्चिम में
वोटर लिस्ट में नाम कटने का सबसे ज्यादा असर शहरी क्षेत्रों में देखने को मिला है।
बीकानेर पूर्व: यहाँ सर्वाधिक 32,916 वोट कम हुए हैं।
बीकानेर पश्चिम: यहाँ 21,406 वोटों की कटौती हुई है।
वोट कटने के 4 मुख्य कारण
शिफ्ट हो चुके मतदाता (सबसे बड़ी वजह): लिस्ट से नाम हटने का सबसे बड़ा कारण वोटर्स का स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट होना है। जिले भर में करीब 72,795 ऐसे वोटर मिले जो अब यहां नहीं रहते, इसलिए उनके नाम हटा दिए गए हैं।
वोटर्स का निधन: जांच में सामने आया कि 27,976 मतदाता ऐसे थे जिनका निधन हो चुका था, लेकिन नाम अभी भी लिस्ट में बोल रहा था। इसमें बीकानेर पूर्व में 5,630 और पश्चिम में 5,287 नाम हटाए गए हैं।
लापता मतदाता (Unknown): करीब 17,234 वोटर ऐसे मिले जिनका कोई अता-पता नहीं चला। न वे वर्तमान पते पर मिले और न ही उनके किसी रिश्तेदार की जानकारी मिली। बीकानेर पूर्व में ऐसे सबसे ज्यादा 5,159 वोटर ‘लापता’ मिले।
बीकानेर में चौकाने वाली जानकारी ये है की (Duplicate): करीब 80 हजार ऐसे मामले सामने आए जहां एक व्यक्ति का नाम दो जगह (जैसे नोखा और बीकानेर शहर दोनों में) चल रहा था। ऐसे में एक जगह से नाम काट दिया गया है। 9,494 नाम पूरी तरह डुप्लीकेट श्रेणी में हटाए गए।
आंकड़ों में देखें कहाँ कितने “मृतक” वोटर्स के नाम कटे:
बीकानेर पूर्व: 5630
बीकानेर पश्चिम: 5287
खाजूवाला: 3674
कोलायत: 2681
लूणकरणसर: 3993
श्रीडूंगरगढ़: 3313
नोखा: 3398
चुनाव आयोग की इस सख्ती से अब जिले की वोटर लिस्ट पूरी तरह अपडेट और साफ-सुथरी हो गई है। (मीडिया रिपोर्ट के आधार पर जानकारी)














