“बीकानेर। प्रदेश में आरजीएचएस योजना के तहत मरीजों का इलाज रोकने वाले निजी अस्पतालों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सहायक परियोजना निदेशक मोहित रांकावत ने बीकानेर संभाग के एक बड़े निजी अस्पताल को अनुशासनात्मक कार्रवाई का नोटिस दिया है। इस अस्पताल ने अप्रैल माह में एक भी टीआईडी जेनरेट नहीं की, जिसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है। इसी कड़ी में बीकानेर के अन्य निजी अस्पतालों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी है। सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध के मुताबिक, ये नोटिस सीधे आरजीएचएस मुख्यालय से जारी होंगे और प्राप्त निर्देशों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरजीएचएस योजना के तहत िजले में 12 निजी अस्पताल रजिस्टर्ड हैं। आंदोलन के चलते किसी भी अस्पताल में टीआईडी जेनरेट नहीं की जा रही है। मरीजों को इलाज पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
जयपुर के डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद निजी अस्पतालों का विरोध और तेज हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के जिला सचिव डॉ. एसएन हर्ष ने बताया कि संगठन ने राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया है कि आंदोलन के दौरान टीआईडी जेनरेट न करने को व्यक्तिगत संस्थान की चूक के बजाय सामूहिक पेशेवर निर्णय माना जाए। डॉक्टरों ने मांग की है कि किसी भी अस्पताल के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर संवाद शुरू किया जाए।













